देहरादून।।मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) सहित संबंधित निर्माण एजेंसियों को 15 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग की वेबसाइट पर भी वित्तीय वर्ष 2026-27 में गड्ढामुक्त सड़क एवं अन्य कार्यों के लिए बजट प्रावधान से संबंधित आदेश उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान कर मरम्मत कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
अपर्वतीय क्षेत्रों में मुख्य मोटर मार्गों के साथ-साथ ग्रामीण एवं संपर्क मार्गों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मानसून के दौरान कई स्थानों पर सड़कें गड्ढों, भूस्खलन और भू-क्षरण के कारण क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों,मरीजों, किसानों और व्यापारियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मरम्मत कार्य केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप टिकाऊ तरीके से किया जाए।
पर्वतीय उत्तराखंड में सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बाजार और पर्यटन से जुड़ी जीवनरेखा हैं।ऐसे में क्षतिग्रस्त सड़कों को समय पर दुरुस्त करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा को गंभीरता से लिया जाए। 15 अक्टूबर के बाद सड़कों की स्थिति और मरम्मत कार्यों की जमीनी हकीकत का निरीक्षण मुख्यमंत्री स्तर पर किया जाएगा।
कार्य में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के संकेत भी दिए गए हैं।
प्रदेश में मानसून के बाद सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराना है।
ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्गों को दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिए जाने से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रगति मिडिया उत्तराखंड से संपादक की रिपोर्ट।

