लम्बगांव।। उत्तराखंड जड़ी-बूटी सलाहकार समिति की उपाध्यक्ष सोना सजवाण ने प्रतापनगर क्षेत्र के सेम-मुखेम स्थित जड़ी-बूटी संस्थान का निरीक्षण करते हुए बड़ा ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि अब सेम-मुखेम जड़ी-बूटी संस्थान को गोपेश्वर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में रोजगार, पर्यटन और औषधीय पौधों के संरक्षण को नई दिशा मिल सके।
निरीक्षण के दौरान सोना सजवाण ने कहा कि उत्तराखंड में जड़ी-बूटी एवं सगंध पौधों के उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं,यदि योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए तो स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सकता है और पलायन जैसी समस्या पर भी प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सेम-मुखेम क्षेत्र धार्मिक, आध्यात्मिक और पर्यटन की दृष्टि से पहले ही विशेष पहचान रखता है,यहां उपलब्ध प्राकृतिक जड़ी-बूटियां और औषधीय वनस्पतियां इस क्षेत्र को और अधिक महत्वपूर्ण बनाती हैं।
उन्होंने कहा कि संस्थान के विकास के लिए एक समग्र मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा,जिस संबंध में वह जल्द ही मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगी।
इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने सोना सजवाण का भव्य स्वागत किया। राज्य मंत्री का दायित्व मिलने के बाद पहली बार लंबगांव, हेरवालगांव, दीनगांव और मुखेम पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने खासा उत्साह दिखाते हुए भव्य स्वागत किया।
सेम-मुखेम मंदिर समिति के अध्यक्ष गोविंद रावत और प्रबंधक विजय पोखरियाल ने उनके पूर्व कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष रहते हुए उनके द्वारा बनवाए गए यात्री शेड का लाभ आज भी श्रद्धालुओं और यात्रियों को मिल रहा है।
बैठक के दौरान स्थानीय प्रतिनिधियों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर सोना सजवाण को ज्ञापन भी सौंपा।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष ममता पंवार, ब्लाक प्रमुख मनीषा पंवार,नगर पंचायत रोशन रांगड़, मनोज रमोला, बसंत चौहान और हर्षमणी सेमवाल,मुरारी रांगड़, चन्द्रशेखर पैन्यूली, रघुबीर सजवाण, राकेश राणा,विजय,सोहन रांगड़,लोकपाल कंडियाल सहित कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रगति मीडिया उत्तराखंड टिहरी गढ़वाल से संपादक की रिपोर्ट।

