उत्तराखंड।। कानून ब्यवसथा को लेकर सीएम धामी ने ली उच्च स्तरीय अधिकारीयों की बैठक।

देहरादून।। उत्तराखंड के देहरादून में पिछले 5 दिन के भीतर तीसरी हत्या हुई है।

जिसके चलते प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे हैं।

राजधानी में चरमराई कानून व्यवस्था को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक की है।

इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में सीएम धामी ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यशैली और जनसेवा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी,साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस और प्रशासन का हर विभाग आम जनमानस के प्रति संवेदनशील,उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी (Results Oriented) दृष्टिकोण के साथ काम करें।

सीएम धामी ने की कानून व्यवस्था आदि की समीक्षा।

उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखिल भारतीय डीजी/आईजी सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्षों की समीक्षा करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटन प्रबंधन, राजस्व, नशा मुक्ति, अभियोजन, कारागार सुधार और जनशिकायत निवारण से जुड़े तमाम विषयों पर समीक्षा की।

सीएम धामी ने कहा कि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस वे के खुलने के बाद राज्य में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी. इसे देखते हुए पर्यटकों के लिए होटल, आवास, पार्किंग, ट्रैफिक प्लान, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां तय समय पर पूरी की जाए।

सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए।

पुलिस अपना वर्क कल्चर सुधारें।

पुलिस व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए सीएम धामी ने कहा कि थाना चौकियां समेत धरातल पर वर्क कल्चर में तत्काल सुधार किया जाए।

उन्होंने कहा कि आम आदमी के साथ मानवीयता, संवेदनशीलता और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए. निर्दोष नागरिकों को बेवजह से परेशान करने की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।

शांति भंग करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई।

सीएम धामी ने कानून व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी. सुरक्षा से संबंधित शिकायतों पर त्वरित और गंभीर संज्ञान लिया जाए,कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।

आपराधिक मामलों की विवेचना न रहे लंबित।

सीएम धामी ने पुलिस को निर्देश दिए कि आपराधिक मामलों की विवेचना अनावश्यक रूप से लंबित न रखी जाए।

उन्होंने कहा कि रात्रि गश्त को और अधिक सघन किया जाए,लगातार पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए,नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए।

अभियोजन नहीं होना चाहिए कमजोर।उन्होंने कहा कि हर जिले से मासिक नशा मुक्ति रिपोर्ट सीधे शासन को भेजी जाए, जिसकी नियमित समीक्षा गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक की ओर से की जाएगी. अभियोजन व्यवस्था पर सीएम धामी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अभियोजन कमजोर नहीं होना चाहिए,अभियोजन अधिकारियों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराया जाए।

लैंड फ्रॉड मामले पर कठोर कानून बनाने के निर्देश।

सीएम धामी ने लैंड फ्रॉड के मामलों पर कठोर कानून बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े अपराधों में संलिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. अपराध नियंत्रण के लिए सीएम ने कहा कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक आत्ममंथन भी आवश्यक है।

राजस्व के वैकल्पिक स्रोत बढ़ाने पर जोर।पुलिस और प्रशासन के सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए,राजस्व व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राजस्व के वैकल्पिक स्रोत बढ़ाए जाए।

उन्होंने कहा कि सब्सिडी योजनाओं के आउटकम का मूल्यांकन किया जाए और राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

कारागार विभाग की समीक्षा करते हुए सीएम धामी ने बंदियों के लिए स्किल डेवलपमेंट, पुनर्वास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं मानवाधिकारों के सख्त पालन के निर्देश दिए. जन शिकायत निवारण को पहली प्राथमिकता देते हुए सीएम ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री घोषणाओं का 100 फीसदी क्रियान्वयन जिलों में सुनिश्चित किया जाए,योजनाएं केवल फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देनी चाहिए.

अवैध निर्माण पर इनकी जवाबदेही होगी तय।

योजनाओं का नियमित भौतिक सत्यापन हो और गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।

सीएम धामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी-नालों और सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध निर्माणों के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, लेखपाल, पटवारी की जवाबदेही तय की जाए।

उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों और ऐसे अतिक्रमण को संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

भूमि विवादों के निस्तारण के लिए तहसील स्तर पर गठित समितियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि मामलों का जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए कि सड़कों के डामरीकरण का कार्य 15 फरवरी तक शुरू किया जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।

सीएम धामी ने 1905 हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा कर जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 6 महीने में विशेष अभियान चलाकर प्रत्येक जिले के गांवों को 100 फीसदी योजनाओं से संतृप्त किया जाए।

डिजिटल गवर्नेंस को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे केवल औपचारिकता न समझा जाए,बल्कि पूरी गंभीरता के साथ धरातल पर लागू किया जाए।

चारधाम यात्रा की तैयारियों के संदर्भ में उन्होंने संबंधित जिलों में संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान सीएम ने कहा कि कैंची धाम बाईपास जून महीने तक पूरी कर लिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।

संपादक सुनील जुयाल की रिपोर्ट।

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