कण्डीसौड़।। दिवतीय दिवस पर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विशिष्ट अतिथि विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार, विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय, दर्जाधारी राज्यमंत्री विनोद उनियाल, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
प्रथम थौलधार खेल कूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव में महोत्सव में पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस तरह के आयोजन से युवाओं में खेल कूद में प्रतियोगिता की भावना जागृत होने, लोकसंस्कृति को संजोने व उससे जुड़ने का अवसर मिलता है। जो कि युवाओं व क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक है।इसके लिए वह थौलधार की जनता को बधाई देते हैं।
थौलधार विकास खण्ड मुख्यालय के राजकीय इंटर कालेज प्रांगण में दो दिवसीय खेल कूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव का दो दिवसीय आयोजन किया गया।
आयोजन समिति द्वारा मुख्यमंत्री को पौराणिक पहनावा मिर्जयी अंगवस्त्र पहना कर सम्मानित किया गया। अतिथियों को शाल व प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें इस स्थान पर दूसरी बार भगवान नागराजा के सम्मुख शीश नवाने का सौभाग्य मिला है।
उन्होंने कहा कि खेल कूद एवं सांस्कृतिक आयोजनों से जहाँ युवाओं के अंदर खेलों में प्रतिस्पर्धा की भावना जागती है वहीं सांस्कृतिक संरक्षण व जागृति होती है। उनकी सरकार देवभूमि को खेल भूमि के रूप में भी स्थापित करने के लिए संकल्पित है।
उन्होंने कहा कि जहाँ पहले नेता मंदिर जाने व पूजा करने से बचते थे, सनातन को अपमानित करते रहते थे किन्तु नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में सांस्कृतिक जागरण हुआ है वही नेता मंदिर- मंदिर जाकर जैकेट के ऊपर जनेऊ पहन रहे हैं।
देवभूमि उत्तराखंड में सांस्कृतिक जागरण का दौर चलने से तीर्थाटन का विस्तार हुआ है।
थौलधार क्षेत्र के सभी पौराणिक स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाएगा।
1300 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन के विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
रिंग रोड, जलक्रीड़ा, पैराग्लाइडिंग, तिवाड़गांव पर्यटन ग्राम आदि का मुख्य केन्द्र बनाया जा रहा है। खेल भूमि के रूप में विकसित करने का परिणाम है कि हमने राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन किया।
103 पदक उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने पहली बार जीते हैं। प्रदेश में शीघ्र ही 23 अकादमी बनाई जाएंगी,जिसमें 920 एथलीट व 1000 खिलाड़ी प्रशिक्षण लेंगे।
वैदिक आयोजन एवं फील्म सूटिंग का डेस्टिनेशन के रूप में उत्तराखंड को खूब पसंद किया जा रहा है। उत्तराखंड में सौर ऊर्जा व होम स्टे आर्थिक समृद्धि प्राप्त करने का बहुत अच्छा साधन है।
लखपति दीदी एनआरएलएम व रीप के माध्यम से आर्थिक समृद्ध व स्वावलम्बी हो रही हैं।मोटा अनाज की देश व विदेश में अच्छी मांग है उसके लिए उत्पादन बढ़ाना होगा।
उत्तराखंड यूसीसी, भू कानून, नकल विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून, अवैध अतिक्रमण मुक्ति, रोजगार, नीति आयोग की रैंकिंग आदि में देश में प्रथम स्थान पर है। सांस्कृतिक मूल्य,डैमोग्राफी,लैण्ड जिहाद,लव जिहाद,थूक जिहाद, कालनैमी आपरेशन जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रदेश के प्रवासी भी राज्य के विकास से गौरवान्वित हो रहे हैं और उसी का परिणाम है कि रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की प्रगति हुई है।
भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए छोटी मछली से लेकर मगरमच्छ तक पकड़ने का पारदर्शी अभियान चलाया जा रहा है। उसी का परिणाम है कि 100 नकल माफिया व 200 से अधिक भ्रष्टाचार के आरोप में जेल की सलाखों के पीछे भेजे गए हैं।
कांग्रेस आदि विपक्षी दलों में राज्य सरकार द्वारा किए गए जनहित कार्यो व सख्त कानूनी कार्यवाही से भारी परेशानी हो रही है।
सनातन को बदनाम करने, मच्छर,डेंगू कहने वाले अब अनर्गल आरोपों से सरकार को बदनाम व प्रदेश में अशांति फैलाने का काम कर रहे हैं।
अंकिता भण्डारी मामले में सरकार शुरू से ही अंकिता बहिन के परिवार के साथ थी और उनके मांजी पिताजी की इच्छा पर सीबीआई जांच की भी संस्तुति की गई है।
सरकार इस मामले में पारदर्शी ढंग से गंभीर है उसी का परिणाम है कि तीन अभियुक्तों को नियत समय में आजीवन कारावास की सजा दिलाई गई है।
समिति द्वारा सौंपे गए 12 सूत्री मांग पत्र जिसमें छाम- बल्डोगी पुल निर्माण, कमान्द महाविद्यालय में पीजी व बीएससी की मान्यता, स्यांसू- मठियाली मोटर मार्ग आदि शामिल हैं पर उन्होंने कहा कि परीक्षण कर सभी मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि क्षेत्र की मांगों को पूरा करने के साथ सुभाष इण्टर कालेज थौलधार का प्रान्तीयकरण करने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया।
मुख्यमंत्री द्वारा खेल व सांस्कृतिक प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।खेल प्रशिक्षक प्रदीप रावत, विज्ञान प्रभारी राजेश चमोली, पीआरडी खेल प्रशिक्षक कु० ज्योति, कला संगीत व गंगोत्री फीजिकल एकेडमी प्रशिक्षक पूर्व सैनिक राम सिंह राणा को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक महोत्सव के अंतिम सत्र में जागर सम्राट पदमश्री डा० प्रीतम भरतवाण लोकप्रिय जागरों ने समा बांध दिया। उपस्थित जन समुदाय मुख्यमंत्री के जाने के बाद भी आयोजन स्थल पर जमा रहा।
इस अवसर पर विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय, दर्जाधारीराज्यमंत्री विनोद उनियाल,पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी, पूर्व प्रमुख जोत सिंह बिष्ट,खेम सिंह चौहान, रजनी सजवाण,बबीता शाह, प्रभा बिष्ट,भाजपा मण्डल अध्यक्ष ललित खण्डूड़ी, सहायक निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास, समिति के मुख्य आयोजक मुलायम सिंह रावत ,अध्यक्ष सुमन गुसाईं, महासचिव महाबीर सेनवाल, सचिव आलोक जुयाल, कोषाध्यक्ष रोबिन पंवार एवं समस्त क्षेत्रीय जनता व संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
संपादक सुनील जुयाल की रिपोर्ट।

