मशीनगन का कितना वजन है कैसे चलती है’आईटीबीपी की प्रदर्शनी में पहली बार भारी हथियारों की मौजूदगी।
आईटीबीपी उत्तरकाशी के 22 जवान पहुंचे हैं फेस्टिवल में।
पर्वतारोहण से जुड़ी जानकारी भी कर रहे हैं लोगों से साझा।
नोएडा से आए राहुल उपाध्याय पहली बार मशीनगन और मोेर्टार जैसे भारी हथियारों को नजदीक से देखकर उत्साहित हैं।उनके मन में तमाम तरह के सवाल हैं।
मसलन, मशीनगन और मोर्टार का वजन कितना है,ये कैसे चलती हैं एक बार में कितनी गोलियां या बारूद इसमें लोड किया जा सकता है।
आईटीबीपी के 12वीं वाहिनी के जवान राहुल जैसे तमाम लोगों की जिज्ञासा शांत कर रहे हैं, जिनकी हथियारों की जानकारी जुटाने में खास रूचि हैै।
इस प्रदर्शनी की सबसे खास बात ये है कि पहली बार लोगों को मशीन गन और मोर्टार जैसे हथियार नजदीक से देखने को मिल रहे हैं।ऐसा नहीं है कि हथियारों की प्रदर्शनी आईटीबीपी ने इससे पहले नहीं लगाई हो। प्रदर्शनी लगती रही हैं, पर इस बार एक खास बात जरूर है।
आईटीबीपी के सुधीर कुमार और राम बाबू बताते हैं कि अभी तक हम जो प्रदर्शनी लगाते थे,उसमें एलएमजी, पिस्तौल जैसे अपेक्षाकृत हल्के हथियार ही प्रदर्शित किए जाते थे।मगर अबकी बार मशीनगन और मोर्टार जैसे हथियार भी प्रदर्शित किए गए हैं, जो कि भारी हथियार होते हैं। अमूमन इन्हें प्रदर्शित नहीं किया जाता था।
पर्वतारोहण टूल्स और धराली आपदा की यादइस प्रदर्शनी के एक हिस्से में पर्वतारोहण के दौरान काम आने वाले टूल्स को भी प्रदर्शित किया गया है।
आईटीबीपी से जुडे़ राजीव खरे और अन्य लोग यहां पर लोगों को महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं।विशेष रूप से एवलांच के दौरान प्रयोग में आने वाले टूल्स की जानकारी लेेने में लोग दिलचस्पी दिखला रहे हैं।पिछले वर्ष धराली में आई आपदा और आईटीबीपी के राहत कार्य की झलक भी प्रदर्शनी में दिखाई दे रही है।
इस प्रदर्शनी के लिए मातली उत्तरकाशी से 22 जवान कोटी कालोनी टिहरी पहुंचे हैं।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने भी रविवार को इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
प्रगति मीडिया उत्तराखंड से संपादक सुनील जुयाल की रिपोर्ट।

