दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सुदृढ़ता हेतु सीएमओ का औचक निरीक्षण, संस्थागत प्रसव एवं जन-जागरूकता पर विशेष जोर।
उत्तरकाशी।।जनपद उत्तरकाशी में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुदृढ़ करने एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.बी. एस. रावत द्वारा आज विकासखण्ड चिन्यालीसौड़ अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनचौरा का स्थलीय भ्रमण कर औचक निरीक्षण किया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि बनचौरा क्षेत्र के अत्यंत दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए क्षेत्र में कार्यरत चिकित्साधिकारी, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा कार्यकर्त्रियों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की नियमित रूप से मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव हेतु निरंतर प्रेरित किया जाए।
प्रभारी चिकित्साधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि क्षेत्रीय जनमानस को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने हेतु एक विभागीय एम्बुलेंस तथा 108 एम्बुलेंस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनचौरा में तैनात हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा निरीक्षण उपरांत ग्राम इंद्रा, टिपरी, उठखोला एवं मोरगी का स्थलीय भ्रमण कर वीएचएनडी दिवसों में प्रतिभाग किया गया।
इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को संस्थागत प्रसव के महत्व एवं सरकार द्वारा संचालित विभिन्न निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्रदान कर जन-जागरूकता बढ़ाई।इसी क्रम में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बी. एस. पांगती द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज मानपुर एवं मुस्टिकसौड़ में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में प्रतिभाग किया गया।
शिविर के माध्यम से छात्र-छात्राओं को एचपीवी वैक्सीनेशन एवं नशामुक्ति के संबंध में जागरूक किया गया।साथ ही उनके द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया तथा आवश्यक निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुकरेती, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र बिजल्वाण तथा जिला आशा कॉर्डिनेटर श्रीमती सीमा उपस्थित रही।
डुण्डा।।संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने हेतु डुण्डा में स्वास्थ्य विभाग की हुई महत्वपूर्ण बैठक।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर दिया गया विशेष जोर-सीएमओ
मुख्य चिकित्साधिकारी उत्तरकाशी के दिशानिर्देशों के अनुपालनार्थ विकासखंड डुण्डा अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर जडी़ढुमका एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर जसपूर में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, आईईसी/बीसीसी एवं कंसलटेंट की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान सभी सेवा प्रदाताओं के साथ संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने हेतु विस्तृत कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया,साथ ही प्रतिभागियों को संस्थागत प्रसव से जुड़े भौतिक, वित्तीय एवं चिकित्सीय लाभों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर सभी आशा कार्यकर्त्रियों को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र में पंजीकृत 7 माह या उससे अधिक गर्भावस्था वाली सभी महिलाओं का बर्थ प्लान अनिवार्य रूप से तैयार किया जाए,जिससे सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी विस्तृत जानकारी साझा की गई।इसमें विशेष रूप से मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम, चार अनिवार्य एएनसी जांच, संस्थागत प्रसव की अनिवार्यता, जननी सुरक्षा योजना, ईजा-बोई शगुन योजना, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन सेवाएं, वर्तमान में संचालित अल्ट्रासाउंड कैंपेन, 100 दिवसीय टीबी स्क्रीनिंग अभियान, मोतियाबिंद मुक्त ग्राम अभियान, एनसीडी स्क्रीनिंग तथा योग गतिविधियों के बारे में जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित इस प्रकार की बैठकों के माध्यम से जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जा रहा है।
बैठक में एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा फैसिलिटेटर, क्षेत्र की गर्भवती महिलाएं एवं आशा कार्यकर्त्री उपस्थित रही।
प्रगति मीडिया उत्तराखंड से संपादक की रिपोर्ट।

