टिहरी गढ़वाल।। आदर्श प्राथमिक विद्यालय थौलधार में बाल शोध मेला 2026 का आयोजन अत्यंत उत्साह एवं भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ।

थौलधार।।बाल शोध मेला का आयोजन नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के उद्देश्यों के अनुरूप बच्चों के लर्निंग आउटकम्स को सशक्त बनाने तथा अनुभवात्मक एवं आनंदमय शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

बाल शोध मेले का उद्घाटन ज्येष्ठ उप-प्रमुख श्रीमती सुनीता देवी, डायट प्राचार्य दीपक रतूड़ी,खंड शिक्षा अधिकारी हिमांशु कुमार श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया।

मेले में बच्चों द्वारा लगाए गए शैक्षिक व नवाचारी स्टॉल इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रहे। जहाँ बच्चों ने सीखने को प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

बच्चों द्वारा रचित”फ्योंली” मासिक पत्रिका का प्रदर्शन किया गया और साथ ही हिंदी, अंग्रेजी एवं संस्कृत भाषाओं में रोचक मुहावरे, पहेलियाँ, कहानियाँ, गढ़वाली भाषा के विशिष्ट शब्दों एवं रचनात्मक लेखन भी स्टाल में शामिल था।यह स्टॉल बच्चों की भाषा दक्षता एवं अभिव्यक्ति कौशल को दर्शाता था।

गणित स्टॉल में बच्चों ने अनुमान लगाने की क्षमता को खेल-खेल में प्रस्तुत किया।

टेनग्राम गतिविधियों के माध्यम से आकृतियों की समझ, समस्या समाधान एवं तार्किक सोच को प्रदर्शित किया गया, जिसमें आगंतुकों की भी सक्रिय भागीदारी रही। पर्यावरण अध्ययन स्टॉल में बच्चों ने पर्यावरण एवं विज्ञान से जुड़े विभिन्न कार्यशील मॉडल प्रस्तुत किए, जैसे जल संरक्षण, स्वच्छता, रोल प्ले आदि। इन मॉडलों ने बच्चों की वैज्ञानिक समझ और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को उजागर किया।

पुस्तकालय एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉल में विद्यालय के प्रिंट-रिच वातावरण, पुस्तकालय संसाधनों एवं डिजिटल सुविधाओं का प्रदर्शन किया गया।

इस स्टॉल ने यह दर्शाया कि किस प्रकार विद्यालय आधुनिक तकनीक एवं पुस्तकों

के माध्यम से बच्च्चों के सीखने को समृद्ध बना रहा है।

“इतिहास” स्टॉल के माध्यम से स्थानीय इतिहास, संस्कृति एवं परंपराओं को प्रदर्शित किया गया, जिससे बच्चों में अपने क्षेत्र के प्रति जुड़ाव एवं गर्व की भावना विकसित होती है। फायरलेस कुकिंग स्टॉल में बच्चों ने बिना आग के विभिन्न व्यंजन तैयार कर प्रस्तुत किए।इससे उनके जीवन कौशल, रचनात्मकता एवं स्वावलंबन की झलक देखने को मिली।

इन सभी स्टॉलों ने यह सिद्ध किया कि बच्चे केवल किताबों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपने ज्ञान को व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करने में सक्षम हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत लोकनृत्य, लोकनाटक, एवं अन्य प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।इसके साथ ही रैपिड फायर,अतिथियों एवं समुदाय के साथ संवाद कार्यक्रम ने आयोजन को और अधिक सहभागितापूर्ण बनाया।

कार्यक्रम के अंत में आयोजित लकी ड्रा के विजेता चुने गए जिसमें प्रथम पुरस्कार (इंडक्शन): आरुषि चौहान, द्वितीय पुरस्कार (इलेक्ट्रिक केतली): सिमरन, तृतीय पुरस्कार (प्रेस): अर्पित चौहान, चतुर्थ पुरस्कार (टिफिन): अंशिका भट्ट के नाम रहे।

यह बाल शोध मेला विद्यालय को एक सक्रिय, प्रिंट-रिच एवं अनुभवात्मक शिक्षण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

“बाल शोध मेला 2026” बच्चों के समग्र विकास, सामुदायिक सहभागिता और शिक्षा में नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा।

इस अवसर पर विद्यालय प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष गजेन्द्र प्रसाद भट्ट, प्रधानाध्यापक शक्ति प्रसाद उनियाल,अजीज प्रेमजी फाउंडेशन के जिला समन्वयक प्रमोद पैन्यूली, आजम, हिमोत्थान सोसाइटी के जिला समन्वयक दुर्गा प्रसाद कंसवाल, डाइट प्रवक्ता देवेंद्र सिंह भण्डारी,प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश रावत, जूनियर शिक्षक संघ मंत्री राकेश चमोली, प्रा०शि० संघ जिला उपाध्यक्ष दिनेश जुयाल, प्रधानाचार्य राइका० छाम नरेंद्र सैनी,प्रधानाचार्य राइका० बोरगांव पंकज कुमार, विद्यालय शिक्षक अमित चमोली, सुरेन्द्र सिंह,नीतीश चमोली,शंकर सुयाल,किरन डोभाल आदि मौजूद रहे।

प्रगति मीडिया उत्तराखंड टिहरी गढ़वाल से संपादक की रिपोर्ट।

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