नरेंद्रनगर।। विकासखंड नरेंद्रनगर के शांत और सुरम्य क्षेत्र हिंडोलाखाल में आध्यात्म और भक्ति का एक नया अध्याय शुरू हो गया है।
कार्यक्रम में दादी प्रकाशमणि रिट्रीट सेंटर के शिलान्यास एवं भूमि पूजन का भव्य और दिव्य कार्यक्रम बड़े श्रद्धा भाव के साथ संपन्न हुआ।
आज के आयोजन में आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति संगीत और जनसमूह की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने माहौल को विशेष बना दिया।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दी शुभकामनाएं।
प्रदेश के स्वास्थ्य एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में पहुंचकर ब्रह्माकुमारी संस्थान के इस महत्वपूर्ण प्रयास की सराहना की।
उन्होंने विधिवत भूमि पूजन और शिलान्यास करते हुए केंद्र की सफलता के लिए अपनी और प्रदेश सरकार की ओर से शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि नरेंद्रनगर पहले से ही एडवेंचर, वेलनेस और योग पर्यटन के लिए विश्व प्रसिद्ध है, और यह रिट्रीट सेंटर आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम में आध्यात्मिकता की गूंज हर ओर सुनाई दी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जब किसी क्षेत्र में नियमित पूजा-अर्चना के साथ भव्य आध्यात्मिक केंद्र स्थापित होता है,तो वहां के लोगों का झुकाव स्वाभाविक रूप से ईश्वर और आत्मिक शांति की ओर बढ़ता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि बाबा भोलेनाथ के जयकारों से गूंजता यह स्थान लोगों के भीतर आध्यात्मिक चेतना को और मजबूत करेगा।
राज्य मंत्री विनोद सुयाल और जिला पंचायत अध्यक्ष इशिता सजवाण ने भी इस पहल को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताया।
उन्होंने कहा कि यह केंद्र न केवल आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम बनेगा बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और मानव कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विश्व के लिए आध्यात्म का प्रकाश पुंज बनेगा हिंडोला खाल का रिट्रीट सेंटर: बीके ऊषा दीदी।
माउंट आबू से आईं ब्रह्माकुमारी उषा ने अपने संबोधन में कहा कि परमात्मा शिव ने उत्तराखंड की पावन भूमि से ही ज्ञान और योग की धारा पूरे विश्व में प्रवाहित की है।
उन्होंने बताया कि ब्रह्माकुमारी बहनों को माध्यम बनाकर विश्व में शांति और सुख की स्थापना का कार्य किया जा रहा है, यह क्षेत्र विश्व के लिये आध्यात्म का प्रकाश पुंज बनेगा।
55 फीट ऊंचा द्वादश ज्योतिर्लिंग संग्रहालय बनेगा आकर्षण का केन्द्र।
कार्यक्रम के संयोजक ब्रह्मा कुमार मेहरचंद ने रिट्रीट सेंटर की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यहां चरित्र निर्माण, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, योग और ध्यान के निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।साथ ही 55 फीट ऊंचा द्वादश ज्योतिर्लिंग संग्रहालय भी स्थापित किया जाएगा, जो देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान डॉ.पुनीत मेहता के भजन-कीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, वहीं बालाओं की आकर्षक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
मुख्य अतिथि का पारंपरिक तरीके से तिलक और फूल मालाओं के साथ स्वागत किया गया।
महंत योगी श्रद्धा नाथ, बीके प्रेम बहन, राधेश्याम गर्ग सहित कई वक्ताओं ने आध्यात्मिक ज्ञान देकर उपस्थित जनसमूह को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
इस भव्य आयोजन में जिला पंचायत सदस्यों में सदस्य पुष्पा रावत, हुकम सिंह भंडारी, शीशपाल सिंह सजवाण, सुनील प्रसाद जुयाल,ज्योति सिंह असवाल, शीशपाल राणा के अलावा पूर्व प्रमुख वीरेंद्र सिंह कंडारी, सुरेंद्र सिंह कंडारी, पूर्व पालिका अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार, मण्डल अध्यक्ष राजेश रावत,प्रधान दाबड़ा, राजेन्द्र रणावत,मंत्री के पीआरओ उत्तम सिंह रावत, साकेत बिजल्वाण,उषा कैन्तुरा, सरिता कोठियाल, ममता रयाल सहित कार्यक्रम में भारी भीड़ मौजूद थी।

