नरेंद्रनगर।।(सू०वि०)भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत अपर आयुक्त गढ़वाल मंडल उत्तम सिंह चौहान ने जनपद टिहरी गढ़वाल के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 11-नरेंद्रनगर का भ्रमण कर कार्यक्रम की प्रगति का जायजा लिया।
भ्रमण के दौरान अपर आयुक्त ने जनपद के समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी टिहरी गढ़वाल द्वारा जनपद में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए अब तक की गई कार्रवाई,प्राप्त उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना से अवगत कराया गया। अपर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।समीक्षा बैठक के उपरांत अपर आयुक्त ने जनपद के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सहभागी बनाने में राजनीतिक दलों की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए आवश्यक सुझाव भी प्राप्त किए।इसके बाद अपर आयुक्त, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी नरेंद्रनगर ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 11-नरेंद्रनगर के अंतर्गत चार मतदेय स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित बीएलओ से मतदाता सत्यापन, प्रपत्रों के वितरण एवं प्राप्ति सहित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई।
उन्होंने बीएलओ को निर्देशित किया कि प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए आयोग के निर्देशों के अनुरूप सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं।
इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिला अधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विजय तिवारी,उप जिलाधिकारी नरेंद्रनगर आशीष घिल्डियाल, तहसीलदार नरेंद्र नगर विनोद तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारी व राजनीतिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।
(सू०वि०)जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति को लेकर समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रारूप निर्वाचक नामावली, दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण, नोटिस वितरण तथा सुनवाई की तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 14 जुलाई 2026 को किया जा चुका है।
दावे एवं आपत्तियां 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक प्राप्त की जा रही हैं।
नोटिसों की सुनवाई एवं दावों-आपत्तियों का निस्तारण 11 सितंबर 2026 तक किया जाएगा तथा अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को होगा।
जनपद की छह विधानसभा सीटों में कुल 994 मतदान केंद्रों पर विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
प्रारूप निर्वाचक नामावली के अनुसार जनपद में कुल 4,63,628 मतदाता दर्ज हैं।
विधानसभावार समीक्षा में बताया गया कि घनसाली विधानसभा में 161 मतदान केंद्रों पर 85,081 मतदाता एवं 21,094 नोटिस, देवप्रयाग विधानसभा में 158 मतदान केंद्रों पर 75,437 मतदाता एवं 19,131 नोटिस, नरेन्द्रनगर विधानसभा में 175 मतदान केंद्रों पर 79,199 मतदाता एवं 20,758 नोटिस, प्रतापनगर विधानसभा में 153 मतदान केंद्रों पर 74,237 मतदाता एवं 16,022 नोटिस, टिहरी विधानसभा में 156 मतदान केंद्रों पर 66,877 मतदाता एवं 19,256 नोटिस तथा धनोल्टी विधानसभा में 191 मतदान केंद्रों पर 82,797 मतदाता एवं 21,240 नोटिस जारी किए जाने हैं। जनपद स्तर पर कुल 1,17,501 नोटिस जारी किए जाने प्रस्तावित हैं।
समीक्षा के दौरान नोटिस वितरण की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि ईआरओ द्वारा जारी सभी नोटिसों का बीएलओ के माध्यम से शीघ्र तामील कराया जाए तथा बीएलओ ऐप पर उसकी प्रविष्टि समय से सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि संबंधित मतदाताओं को सुनवाई की निर्धारित तिथि से पूर्व नोटिस उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत कर अपना पक्ष रख सकें।
उन्होंने निर्देश दिए कि जहां संभव हो, नोटिस तामील करते समय ही आवश्यक अभिलेख प्राप्त कर लिए जाएं, जिससे सुनवाई प्रक्रिया सरल एवं समयबद्ध हो सके।
प्रत्येक मतदान स्थल पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुनवाई आयोजित करने तथा मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के भी निर्देश दिए गए।साथ ही प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का प्रतिदिन निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम निर्वाचन आयोग की अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।इसमें किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी द्वारा लापरवाही या उदासीनता बरते जाने पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जा सकती है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अभियान को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
प्रगति मिडिया उत्तराखंड टिहरी गढ़वाल से संपादक की रिपोर्ट।

