भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से मुलाकात के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं,उनके पिता नारायण सिंह राणा भी रहे साथ।
नैनबाग।।धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पैरालंपिक कोच सुभाष राणा की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से हुई मुलाकात ने क्षेत्र की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
सुभाष राणा ने प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा जाहिर करते हुए भाजपा के टिकट के लिए दावेदारी सामने रखी।
इस दौरान उनके पिता एवं पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा की मौजूदगी को भी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
सुभाष राणा की पहचान खेल जगत में पैरालंपिक कोच के रूप में रही है।
खेल क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ अब उनके द्वारा राजनीति में कदम बढ़ाने के संकेत से धनोल्टी की चुनावी राजनीति में संभावित चेहरों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के भीतर टिकट को लेकर पहले से ही कई नामों की चर्चाएं चलती रही हैं।ऐसे में सुभाष राणा की दावेदारी सामने आने से पार्टी के भीतर चुनावी समीकरणों को लेकर भी कयास लगाए जाने लगे हैं।हालांकि अभी चुनाव में काफी समय है और भाजपा की ओर से किसी भी प्रत्याशी के नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो सुभाष राणा के साथ उनके पिता नारायण सिंह राणा का राजनीतिक अनुभव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।अब आने वाले दिनों में सुभाष राणा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक सक्रियता किस तरह आगे बढ़ाते हैं,यह उनकी दावेदारी को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगा।
फिलहाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष से हुई मुलाकात ने धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र की 2027 की राजनीति में एक नए नाम को जरूर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
पार्टी नेतृत्व आने वाले समय में किस चेहरे पर भरोसा जताता है,इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

