उत्तराखंड।।टिहरी में दूरस्थ क्षेत्रों की खबरों को मिलेगी रफ्तार,पत्रकारों के लिए विभागीय वाहन की होगी व्यवस्था।

घनसाली में मीडिया सेंटर की संभावनाएं तलाशी जाएंगी, पत्रकारों की समस्याओं के समाधान को लेकर डीएम ने दिए निर्देश।

टिहरी गढ़वाल।।(सू०वि०)जिला पत्रकार स्थायी समिति की बैठक में पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं और फील्ड कवरेज के दौरान आने वाली दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा हुई। 

जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित वीसी कक्ष में आयोजित बैठक में दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में समाचार कवरेज के लिए पत्रकारों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

बैठक में प्रेस क्लब टिहरी के अध्यक्ष अनुराग उनियाल ने बड़े आयोजनों और दूरस्थ क्षेत्रों में कवरेज के लिए आवागमन की समस्या उठाई। 

जिलाधिकारी ने कहा कि बड़े कार्यक्रमों से एक दिन पूर्व संबंधित विभागों से समन्वय कर विभागीय वाहन की व्यवस्था की जाएगी,ताकि पत्रकार कार्यक्रम स्थल तक आसानी से पहुंच सकें और कवरेज के बाद वापस लौटने में भी परेशानी न हो।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में सफलता की कहानियां तैयार करने के इच्छुक पत्रकार पूर्व में जिला सूचना कार्यालय को जानकारी दे सकते हैं।उपलब्ध संसाधनों के अनुसार सूचना विभाग द्वारा आवश्यक सहयोग एवं वाहन की व्यवस्था की जाएगी।

प्रेस क्लब के महासचिव विजय गुसाईं ने टिहरी डैम टॉप से रात्रि में आवागमन बंद होने के कारण फील्ड कवरेज से लौटने वाले पत्रकारों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया। 

जिलाधिकारी ने संबंधित स्तर पर समन्वय कर समस्या के समाधान की दिशा में कार्यवाही का आश्वासन दिया।

बैठक में पत्रकार आवासों के रखरखाव, जनपदीय प्रेस मान्यता के नियमों में शिथिलीकरण तथा अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई। 

प्रेस मान्यता संबंधी मांग पर जिलाधिकारी ने सचिव, सूचना को पत्र भेजने की बात कही।

वहीं,घनसाली क्षेत्र में मीडिया सेंटर स्थापित करने अथवा भूमि उपलब्ध कराने का विषय वरिष्ठ पत्रकार तेजराम सेमवाल एवं अमनदीप भट्ट ने उठाया। जिलाधिकारी ने एसडीएम एवं बीडीओ के माध्यम से भूमि और आवश्यक व्यवस्थाओं की संभावनाओं का परीक्षण कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने पत्रकारिता में तथ्यपरकता और विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी समाचार को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले तथ्यों का सत्यापन और फैक्ट चेक किया जाना आवश्यक है। 

उन्होंने पत्रकारों से जुड़े विषयों और समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

बैठक में जिला सूचना अधिकारी द्रवनीता शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार अब्बल चंद रमोला, अखिलेश नंदा, एसआई किशन देवरानी, अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी प्रमोद बर्तवाल, कनिष्ठ सहायक धीरेश सकलानी सहित सूचना विभाग के मनीष रतूड़ी एवं देवेंद्र रावत उपस्थित रहे।

टिहरी गढ़वाल।।(सू.वि.)चीनी के थोक उपभोक्ताओं के लिए 15 दिन की स्टॉक सीमा लागू।

जिला पूर्ति अधिकारी मनोज कुमार डोभाल ने बताया कि अपर आयुक्त, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग,  तथा अपर सचिव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग अनुभाग, उत्तराखण्ड शासन के क्रम में केंद्र सरकार की अधिसूचना दिनांक 1 सितंबर 2026 के क्रम में चीनी के थोक उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक सीमा लागू की गई है।

उन्होंने बताया कि अधिसूचना के अनुसार जो बड़े उपभोक्ता उत्पादन, उपभोग अथवा उपयोग के लिए कच्चे माल के रूप में प्रति माह 10 मीट्रिक टन या अधिक चीनी का उपयोग करता है, वह उक्त उपयोग के लिए 15 दिनों से अधिक का चीनी स्टॉक नहीं रख सकेगा। यह प्रावधान केंद्र सरकार, राज्य सरकार, संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन अथवा स्थानीय निकाय से संबंधित संस्थाओं पर लागू नहीं होगा।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक चीनी मिल द्वारा बड़े उपभोक्ताओं को सीधे अथवा डीलरों के माध्यम से बेची गई चीनी की मासिक मात्रा का सत्यापन किया जाएगा। 

चीनी की खपत का निर्धारण विक्रेताओं एवं/या खरीदारों द्वारा चीनी के लिए लागू सुसंगत संगत नामकरण प्रणाली (HSN) कोड के आधार पर दाखिल किए गए जीएसटी रिटर्न के संदर्भ में किया जाएगा।साथ ही, सभी डीलरों के लिए खाद्य स्टॉक निगरानी पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। 

पोर्टल पर पंजीकरण https://foodstock.dfpd.gov.in/ के माध्यम से किया जा सकता है।

जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी संबंधित हितधारकों से अधिसूचना के प्रावधानों का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। 

अनुपालन न किए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रगति मीडिया उत्तराखंड टिहरी गढ़वाल से संपादक की रिपोर्ट।

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