उत्तराखंड।।पत्रकारों पर हमले लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर गंभीर प्रहार, उत्पीड़न के मामलों को लेकर राष्ट्रपति-राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग व पीआईबी को पत्र भेजेगा जर्नलिस्ट यूनियन

24 सितंबर को होंगे जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ उत्तराखंड की देहरादून जिला कार्यकारिणी के चुनाव।

देहरादून।।जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ उत्तराखंड की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा, स्वतंत्र पत्रकारिता और संगठन को जिला स्तर तक मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में देश के विभिन्न हिस्सों में पत्रकारों के साथ कथित मारपीट, उत्पीड़न, धमकी तथा सवाल पूछने पर हिरासत में लिए जाने की घटनाओं पर चिंता जताई गई।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर प्रवीण मेहता ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र में जनता की आवाज को शासन-प्रशासन और समाज के सामने रखने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।इसलिए पत्रकारों को स्वतंत्र और निर्भीक होकर कार्य करने का वातावरण मिलना आवश्यक है।

उन्होंने दिल्ली और उत्तर प्रदेश में महिला पत्रकारों के साथ हुई कथित मारपीट की घटनाओं को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर प्रहार बताया।
प्रदेश महासचिव गिरीश पंत ने पत्रकारों से जुड़े हालिया मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली में नफीसा खान और शाहीन खान के पुलिस हिरासत में कथित तौर पर मारपीट का सामना करने का मामला गंभीर चिंता का विषय है।

वहीं उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में ग्राउंड रिपोर्टिंग करने वाली पत्रकार पूजा माथुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने तथा लखनऊ में महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव के साथ सवाल पूछने को लेकर कथित उत्पीड़न की घटना पर भी बैठक में चर्चा हुई।
गिरीश पंत ने कहा कि ग्राउंड रिपोर्टिंग पत्रकारिता की महत्वपूर्ण कड़ी है।

पत्रकार का दायित्व है कि वह घटनास्थल पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति को जनता के सामने रखे।यदि सवाल पूछने या वास्तविक स्थिति की रिपोर्टिंग करने पर पत्रकारों को परेशान किया जाएगा अथवा उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएंगे तो इसका सीधा असर स्वतंत्र पत्रकारिता पर पड़ेगा।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता और प्रशासन से सवाल पूछना पत्रकारों का अधिकार और दायित्व दोनों है। पत्रकारों पर दबाव,धमकी या उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना जरूरी है, ताकि जनता तक निष्पक्ष और वास्तविक जानकारी पहुंचती रहे।
राष्ट्रपति और मानवाधिकार आयोग को भेजा जाएगा पत्र
पत्रकार उत्पीड़न के मामलों को गंभीरता से लेते हुए बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संबंधित घटनाओं को लेकर राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) को पत्र भेजा जाएगा।

यूनियन की ओर से पत्रकारों की सुरक्षा, स्वतंत्र रिपोर्टिंग तथा उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की जाएगी।
24 सितंबर को होंगे देहरादून जिला इकाई के चुनाव
बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई। जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ उत्तराखंड की देहरादून जिला कार्यकारिणी के चुनाव 24 सितंबर को आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

पदाधिकारियों ने संगठन को जिला स्तर तक और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने पर जोर दिया।
बैठक में अक्टूबर माह में यूनियन की स्मारिका प्रकाशित करने तथा नवंबर में राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन आयोजित करने पर भी सहमति बनी। सम्मेलन में देशभर के पत्रकारों एवं पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की योजना पर चर्चा हुई।
इसके अलावा हैदराबाद में प्रस्तावित महिला पत्रकारों के राष्ट्रीय सम्मेलन में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रदेश से प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय भी लिया गया।
सूचना अधिकारी के निधन पर जताया शोक।
बैठक में नैनीताल जिले में तैनात सूचना अधिकारी एवं सहायक निदेशक गिरजा शंकर जोशी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया।

उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
बैठक में प्रदेश कोषाध्यक्ष ललिता बलूनी, संजीव पंत, एसपी उनियाल, द्विजेंद्र बहुगुणा, वीरेंद्र दत्त गैरोला, अनिल वर्मा, अधीर मुखर्जी, देवेंद्र प्रसाद चमोली, गिरीश तिवारी, जाहिद अली, वेणीराम राम उनियाल, अभिनव नायक, सुमित डबराल, सीआर भट्ट, धर्मेंद्र भट्ट, ज्योति भट्ट, अशोक शर्मा, मोहम्मद खालिद, मोहम्मद शाहनज, अफरोज खान, वीरेश रोहिला, किशन सिंह गुसाईं, आशुतोष उनियाल समेत यूनियन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

प्रगति मिडिया उत्तराखंड से संपादक की रिपोर्ट।

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