देहरादून।। प्रदेश जिला पंचायत सदस्य संगठन उत्तराखंड की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को बंजारावाला स्थित महालक्ष्मी वेडिंग पॉइंट में आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भास्कर सम्मल ने की।
बैठक प्रारंभ करने से पूर्व सभी सदस्यों ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री भुवन चंद्र खंडूड़ी एवं अन्तर्राष्ट्रीय निशानेबाज स्वर्गीय जसपाल राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
बैठक में जिला पंचायत प्रतिनिधियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई, एवं कई प्रस्ताव हुए पारित।
प्रदेश अध्यक्ष ने उत्तराखंड में जिला योजना समिति (डीपीसी) के गठन एवं चुनाव अब तक नहीं होने पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से जल्द प्रक्रिया पूर्ण करने की मांग उठाई।
संगठन के संरक्षक मान सिंह रौतेला ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी जनपदों में जिला पंचायत सदस्य संगठनों के गठन और जिला अध्यक्षों के चुनाव शीघ्र कराने पर बल दिया। प्रदेश उपाध्यक्ष अनुपराज सिंह कुंवर ने संगठन को उत्तरकाशी जनपद से पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया।
बैठक में जिला पंचायत सदस्य पुष्पा भट्ट ने ब्लॉक स्तरीय बैठकों में जिला पंचायत सदस्यों को पर्याप्त अवसर और सम्मान नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग रखी।
बैठक में सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें—
जिला योजना समिति (डीपीसी) के चुनाव शीघ्र कराए जाएं।
जिला पंचायत सदस्यों का मानदेय बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह किया जाए।
कोटेशन आधारित विकास कार्यों की सीमा ₹2.50 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की जाए।
जिला पंचायत सदस्यों के लिए पृथक विकास निधि की व्यवस्था की जाए।
सरकारी एवं विकासात्मक बैठकों में संबंधित जिला पंचायत सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य की जाए।
उत्तराखंड पंचायती कल्याण कोष की स्थापना की जाए।
पंचायतों में आरक्षण समीक्षा अवधि 5 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष किए जाने पर विचार किया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि सरकार मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती है तो संगठन लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीके से अपनी आवाज को आगे बढ़ाएगा।
इस दौरान संगठन की कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए रुक्मणी देवी एवं बलबीर राम को प्रदेश उपाध्यक्ष तथा बीना चौहान एवं रेनू भट्ट को प्रदेश सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक में प्रदेश महामंत्री प्रवीन (प्रिंस), अजयवीर सिंह भंडारी सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं जिला पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में संगठन को मजबूत बनाने तथा जिला पंचायत सदस्यों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया गया।

