उत्तरकाशी।। डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा एवं विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर जिला महिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख अधीक्षक डॉ.बी.एस.रावत ने की।
इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों ने डायरिया की रोकथाम, ओआरएस एवं जिंक के महत्व तथा नवजात शिशुओं के लिए मां के दूध की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम हरदेव राणा ने बताया कि डायरिया विशेष रूप से 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए गंभीर एवं जानलेवा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि समय पर सही उपचार और जागरूकता से इस बीमारी से होने वाली जटिलताओं को रोका जा सकता है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेंद्र बिजल्वाण ने डायरिया के कारणों, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी देते हुए ओआरएस एवं जिंक की गोलियों के नियमित उपयोग पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि यदि किसी दूरस्थ क्षेत्र में ओआरएस उपलब्ध न हो तो लोगों को घरेलू घोल तैयार करने की जानकारी भी होनी चाहिए।साथ ही यदि दस्त नियंत्रित न हों या बच्चे की स्थिति गंभीर लगे तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए।
विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत डॉ. हिमाद्रि रौंकली ने बताया कि शिशु के जन्म के तुरंत बाद मां का पीला एवं गाढ़ा पहला दूध (कोलोस्ट्रम) अवश्य पिलाना चाहिए, क्योंकि यही शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं को स्तनपान की सही विधि एवं आवश्यक सावधानियों की भी जानकारी दी।
प्रमुख अधीक्षक डॉ.बी.एस.रावत ने बताया कि 1 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक डायरिया नियंत्रण अभियान के तहत आशा कार्यकत्रियां एवं स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर ओआरएस और जिंक के उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे तथा आवश्यकतानुसार इनका वितरण भी करेंगे।इसके अलावा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को हाथ धोने की सही विधि और स्वच्छता की आदतों के बारे में जागरूक करेगी।
उन्होंने बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान आशा कार्यकत्रियां गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवारों से संपर्क कर स्तनपान के लाभ, जन्म के तुरंत बाद शिशु को स्तनपान कराने तथा सही स्तनपान तकनीक की जानकारी देंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की कि बच्चों में दस्त होने पर समय पर ओआरएस एवं जिंक का उपयोग करें,स्वच्छता और हाथ धोने की आदत अपनाएं तथा जरूरत पड़ने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।साथ ही प्रत्येक मां अपने शिशु को जन्म के तुरंत बाद स्तनपान कराकर उसके स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव रखे।
इस अवसर पर मनोज भट्ट, अनिल बिष्ट, राकेश उनियाल, राम संजीवन नौटियाल, हरिशंकर नौटियाल, गिरीश व्यास, रीता चौहान सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
प्रगति मीडिया उत्तराखंड उत्तरकाशी से संपादक की रिपोर्ट।

