उत्तराखंड में लंबे समय से वन्य जीवों के हमलों में इजाफा हो रहा है हद तो तब हैं,जब वनकर्मी भी सुरक्षित नहीं।
थौलधार।।विकासखंड थौलधार के चंबा-धरासू मोटर मार्ग पर सुल्याधार के नीचे थापली तोक में खूंखार हो चुके भालू की गतिविधियों को देखने के लिए ग्राम प्रधान बेरगणी व प्रधान संगठन अध्यक्ष थौलधार युद्धवीर सिंह रावत, फारेस्टर अजयपाल पंवार, विनोद सिंह रावत आदि ग्रामीण पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद भालू ने उन पर हमला कर दिया।
तीनों व्यक्ति काफी देर तक भालू से लड़ते रहे और अंत में उसे दूर भगाने में कामयाब हुए, लेकिन इस दौरान तीनों घायल भी हो गए।
भालू ने उनके शरीर पर अपने नाखूनों से जख्म बना दिए,उसके बाद अन्य ग्रामीण भी वहां पहुंचे और कण्डी व कंधों के सहारे उन्हें सड़क तक लाए।
बता दें कि कुछ दिनों पूर्व इसी जगह पर सुल्याधार निवासी एक महिला को इसी भालू ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसका एम्स ऋषिकेश में उपचार चल रहा है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष काण्डीखाल व पूर्व प्रधान ऋषि राम भट्ट ने बताया कि उक्त भालू बहुत खूंखार हो चुका है।
उन्होंने बताया कि वन विभाग के डीएफओ टिहरी पुनीत तोमर को इस प्रकार के खतरे से अवगत कराया गया था लेकिन उन्होंने बिना हथियारों के केवल लाठी डंडों के सहारे विभाग के कुछ लोगों को लोगों को मौके पर भेजा।
उन्होंने कहा कि आज जो घटना हुई उसके लिए डीएफओ जिम्मेदार है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार से भालू द्वारा किए गए हमले के जिम्मेदार डीएफओ टिहरी है।
जिला पंचायत सदस्य शीशपाल सिंह राणा ने बताया कि कुछ दिन पूर्व भी इस खूंखार भालू के हमले से एक महिला बुरी तरह घायल हुई जिनका उपचार चल रहा है।
उन्होंने बताया कि आज के इस हमले से प्रधान संगठन अध्यक्ष थौलधार युद्धवीर सिंह रावत व एक वनकर्मी एवं ग्रामीण को बुरी तरह घायल कर दिया जिसके कारण उनको अस्पताल रैफर किया गया।
उन्होंने बताया कि डीएफओ टिहरी द्वारा वन कर्मीयों को अल्प सामग्री देकर जंगलों में वन्य जीवों के हमले से बचने का आदेश दिया जाता है।
जिला पंचायत सदस्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने डीएफओ टिहरी की लापरवाही पर गंभीर आरोप लागाए।
प्रगति मीडिया उत्तराखंड टिहरी गढ़वाल से संपादक की रिपोर्ट।

