ब्लाक थौलधार क्षेत्र के लिए अतिरिक्त पिकअप वाहन की मांग, डंपिंग जोन निर्माण और नियमित छिड़काव पर भी बनी सहमति।
कंडीसौड़।। क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने एवं कूड़े के उचित निस्तारण के लिए आज जिला पंचायत टिहरी एवं विकास खंड थौलधार के संयुक्त तत्वावधान में सामूहिक स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों,अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा सामूहिक रुप से विभिन्न कूड़ा डंपिंग जोनों का स्थलीय निरीक्षण किया और क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण की स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था किए जाने पर जोर दिया।
🏘️ अतिरिक्त पिकअप वाहन उपलब्ध कराने की मांग।
जिला पंचायत सदस्य सुनील प्रसाद जुयाल ने कहा कि कंडीसौड़, मैण्डखाल, बंगियाल एवं कमांद, थौलधार, उनियाल गांव,काण्डीखाल एवं उनियाल गांव के अन्य क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में कूड़ा एकत्रित होता है।वर्तमान संसाधन पर्याप्त नहीं होने के कारण कई स्थानों पर समय पर कूड़ा नहीं उठ पाता।
उन्होंने जिला पंचायत से इन क्षेत्रों के लिए एक अतिरिक्त पिकअप वाहन उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त वाहन मिलने से नियमित रूप से कूड़ा उठाया जा सकेगा और लोगों को गंदगी से होने वाली विभिन्न बीमारियों से बचाया जा सकेगा।
जुयाल ने कहा कि जिला पंचायत द्वारा सरकारी भूमि को चिन्हित कर वहां व्यवस्थित एवं स्थायी कूड़ा डंपिंग जोन का निर्माण कराया जाना चाहिए। इससे लोगों के मकानों के आसपास कूड़ा जमा होने की समस्या से राहत मिलेगी और क्षेत्र में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाया जा सकेगा।
🚛 स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही नहीं होगी : ब्लॉक प्रमुख।
ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना विकासखंड की प्राथमिकताओं में शामिल है। कंडीसौड़, मैण्डखाल, बंगियाल सहित पूरे क्षेत्र में कूड़े के उचित निस्तारण के लिए स्थायी और व्यवस्थित व्यवस्था तैयार करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि केवल स्वच्छता अभियान चलाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए नियमित कूड़ा उठान, पर्याप्त वाहन, डंपिंग जोन का निर्माण और सफाई कर्मियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने होंगे।
ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि वर्तमान में उपलब्ध कूड़ा वाहन क्षेत्रफल के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। इसलिए जिला पंचायत से अतिरिक्त पिकअप वाहन उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र पत्राचार किया जाएगा, ताकि रोस्टर के अनुसार सभी क्षेत्रों से नियमित रूप से कूड़ा उठाया जा सके।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कूड़े के कारण मच्छर, मक्खी एवं अन्य संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कंडीसौड़ के चिकित्साधिकारी डॉ. मयंक रमौला से संबंधित क्षेत्रों में शीघ्र दवा एवं कीटनाशक का छिड़काव कराने को कहा।
उन्होंने आमजन से भी अपील की कि कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही डालें, नालियों में कूड़ा न फेंकें और स्वच्छता अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न समझकर अपनी जिम्मेदारी मानें। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से ही थौलधार क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सकता है।
🏗️ कंडीसौड़ डंपिंग जोन का निर्माण शीघ्र कराने की मांग।
ग्राम प्रधान सुमन सिंह गुसाईं ने कहा कि कंडीसौड़ बाजार से कुछ दूरी पर कूड़ा डंपिंग जोन बनाया गया है, लेकिन वहां आवश्यक निर्माण एवं व्यवस्थाओं का अभाव है। उन्होंने कहा कि खनिज न्यास अथवा अन्य मद से डंपिंग जोन में आवश्यक निर्माण कार्य शीघ्र कराया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि कूड़ा डालने और उसके प्रबंधन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि कूड़े के निस्तारण के लिए ठोस व्यवस्था होने से क्षेत्र की स्वच्छता के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य का भी बेहतर संरक्षण किया जा सकेगा।
🚚 एक वाहन से पूरे क्षेत्र की व्यवस्था संभव नहीं। बीडीओ
खंड विकास अधिकारी स्नेह नेगी ने बताया कि विकास खंड के पास वर्तमान में एक कूड़ा वाहन मौजूद है, लेकिन क्षेत्र काफी विस्तृत होने के कारण वाहन प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिदिन नहीं पहुंच पाता।
उन्होंने बताया कि रोस्टर के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर कूड़ा एकत्रित कर निर्धारित डंपिंग स्थल तक पहुंचाया जाता है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान ब्लाक में कुडे़ के लिए वाहन छोटा होने के कारण एक बार में अधिक मात्रा में कूड़ा नहीं ले जाया जा सकता।इस समस्या को देखते हुए जिला पंचायत से अतिरिक्त कूड़ा वाहन उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र पत्र लिखा जाएगा।
🛺 स्वच्छता कर्मियों के लिए रिक्शा उपलब्ध कराने की मांग।
व्यापार मंडल अध्यक्ष कंडीसौड़ सुमेर सिंह पंवार ने कहा कि बाजार में विशेषकर नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा जमा रहने की समस्या रहती है।
उन्होंने बताया कि स्वच्छता कर्मियों को कूड़ा एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में भी परेशानी होती है।
उन्होंने कहा कि यदि जिला पंचायत द्वारा स्वच्छता कर्मियों के लिए कूड़ा उठाने वाला रिक्शा उपलब्ध कराया जाता है, तो सफाई कर्मियों को काफी सुविधा मिलेगी और बाजार में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखना भी आसान होगा।
🩺 स्वच्छता का सीधा संबंध स्वास्थ्य से : डॉ. मयंक रमोला।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कंडीसौड़ के चिकित्साधिकारी डॉ.मयंक रमोला ने कहा कि स्वच्छता का सीधा संबंध जनस्वास्थ्य से है। कूड़ा लंबे समय तक जमा रहने और नालियों में गंदगी होने से मच्छर एवं अन्य संक्रमण फैलाने वाले कीट पनप सकते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने नियमित कूड़ा उठान, नालियों की सफाई तथा आवश्यकता के अनुसार दवा एवं कीटनाशक छिड़काव पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए विभागों के साथ-साथ आम जनता का सहयोग भी बेहद जरूरी है।
ब्लॉक प्रमुख के निर्देश पर डॉ. रमोला ने संबंधित क्षेत्रों में शीघ्र आवश्यक दवा एवं कीटनाशक छिड़काव कराने का आश्वासन दिया।
🌿 स्थायी व्यवस्था से ही बनेगा स्वच्छ एवं स्वस्थ क्षेत्र।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कूड़ा उठान, परिवहन और डंपिंग जोन की व्यवस्था को नियमित एवं व्यवस्थित किया जाना बेहद जरूरी है। इसके लिए अतिरिक्त पिकअप वाहन, कूड़ा संग्रहण रिक्शा, व्यवस्थित डंपिंग जोन और नियमित छिड़काव की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
जनप्रतिनिधियों ने संबंधित विभागों से मांग की कि कंडीसौड़, मैण्डखाल, बंगियाल, कमांद, थौलधार, उनियाल गांव,काण्डीखाल एवं उनियाल गांव व आसपास के बाजारों क्षेत्रों की कूड़ा निस्तारण समस्या का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि क्षेत्र को गंदगी से मुक्त रखने के साथ ही स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य की भी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
“स्वच्छ क्षेत्र—स्वस्थ समाज” के संकल्प के साथ आयोजित इस सामूहिक स्वच्छता अभियान ने क्षेत्र में बेहतर, व्यवस्थित और स्थायी स्वच्छता व्यवस्था की आवश्यकता को प्रमुखता से सामने रखा।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख थौलधार सुरेंद्र सिंह भंडारी, जिला पंचायत सदस्य सुनील प्रसाद जुयाल, ग्राम प्रधान कंडीसौड़ सुमन सिंह गुसाईं, खंड विकास अधिकारी स्नेह नेगी, सीएमएस डॉ मयंक रमोला,जिला पंचायत कनिष्ठ अभियंता अजयपाल पंवार,भारत सिंह,सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं स्वच्छता कर्मी मौजूद रहे।
प्रगति मीडिया उत्तराखंड टिहरी गढ़वाल से संपादक की रिपोर्ट।

