उत्तराखंड।। उत्तरकाशी के सीएचसी मोरी,एसडीएच पुरोला और सीएचसी नौगांव का तीन दिवसीय निरीक्षण, मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए एएनएम को दिया प्रशिक्षण।

उत्तरकाशी।।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति एवं चिकित्सा इकाइयों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा यमुना वैली की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का तीन दिवसीय निरीक्षण किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी उत्तरकाशी डॉ. श्याम विजय के मार्गदर्शन में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी.एस. पोखरियाल ने 14 से 16 अक्टूबर तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोरी, उपजिला चिकित्सालय पुरोला एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव का निरीक्षण किया। 

भ्रमण के दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक हरदेव राणा भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में साफ-सफाई, दवाइयों की उपलब्धता, ओपीडी, विभिन्न वार्डों, कार्मिकों की उपस्थिति तथा उपस्थिति पंजिका का जायजा लिया गया। 

अधिकारियों ने भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में फीडबैक भी लिया।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रमों की समीक्षा

सीएचसी मोरी के निरीक्षण के बाद ब्लॉक मुख्यालय में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। 

बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति उनके जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने को लेकर चर्चा की गई।

अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वास्थ्य कार्यक्रमों का नियमित अनुश्रवण करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने पर विशेष जोर

15 एवं 16 अक्टूबर को सीएचसी नौगांव में हिमालयन इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट, देहरादून की टीम द्वारा जनपद के विभिन्न ब्लॉकों की एएनएम को मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण दिया गया।

हिमालयन इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट के अपर निदेशक श्री राजीव बिजलवान के नेतृत्व में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में एएनएम को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी.एस. पोखरियाल ने प्रशिक्षण टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसी प्रकार का प्रशिक्षण जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को भी दिया जाना चाहिए,जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा सके।

निर्माणाधीन अस्पताल भवन का भी लिया जायजा

भ्रमण के दौरान निर्माणाधीन चिकित्सालय भवन का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली गई। 

वहीं संबंधित कार्यदायी संस्था को भवन निर्माण निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए,ताकि भवन तैयार होने के बाद क्षेत्रीय जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चिकित्सा इकाइयों में स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण, पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. नितेश रावत, डॉ. मनोज असवाल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रोहित भंडारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक हरदेव राणा, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक, ब्लॉक लेखा प्रबंधक, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, एएनएम, सीएचओ सहित अन्य अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

प्रगति मिडिया उत्तराखंड से संपादक की रिपोर्ट।

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