थौलधार।।विकासखण्ड थौलधार के हाईस्कूल कौशल को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत किए जाने के अवसर पर विद्यालय परिसर में विद्यालय परिवार की ओर से शिलान्यास एवं लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में प्रदेश के उच्चीकृत विद्यालयों का आनलाईन ई-लोकार्पण शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत,विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान,विधायक थराली भूपाल राम टम्टा तथा शिक्षा विभाग की सचिव दीप्ति यादव की मौजूदगी में किया गया।
वर्ष 2010 में हाईस्कूल के रूप में शुरू हुए विद्यालय का वर्ष 2026 में इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकरण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विद्यालय के उच्चीकरण से कौशल सहित आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को अब स्थानीय स्तर पर कक्षा 12वीं तक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
कौशल विद्यालय की 16 वर्षों की विकास यात्रा
2010 — हाईस्कूल के रूप में विद्यालय की शुरुआत।
16 वर्ष — शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालय ने पूरा किया महत्वपूर्ण सफर।
2026 — विद्यालय का इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकरण।
अब — क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर कक्षा 12वीं तक शिक्षा की सुविधा।
अगली प्राथमिकता — विद्यालय भवन, पर्याप्त शिक्षक, फर्नीचर, प्रयोगशाला, पुस्तकालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करना।
शिक्षा मंत्री ने डीपीआर और शिक्षकों की डिमांड भेजने के दिए निर्देश
आनलाईन के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने सभी उच्चीकृत विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए कि विद्यालय भवन निर्माण से संबंधित डीपीआर शीघ्र तैयार कर शासन को भेजी जाए।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आवश्यक शिक्षकों और फर्नीचर की डिमांड भी तत्काल भेजी जाए,ताकि उच्चीकृत विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने सभी उच्चीकृत विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालयों के उच्चीकरण का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा,जब विद्यार्थियों को पर्याप्त शिक्षक, भवन और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध होंगे।
ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया गौरव का अवसर।
मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र सिंह भंडारी ने विद्यालय के इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकरण को पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर इंटरमीडिएट की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने विद्यालय परिवार,अभिभावकों और क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय के विकास के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
जिला पंचायत सदस्य सुनील प्रसाद जुयाल ने शिक्षा को बताया विकास की मजबूत नींव।
जिला पंचायत सदस्य सुनील प्रसाद जुयाल ने कहा कि कौशल विद्यालय का इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकरण क्षेत्र के बच्चों के भविष्य के लिए बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा,स्वास्थ्य और रोजगार की बेहतर सुविधाएं गांवों में उपलब्ध कराना ही ग्रामीण विकास की मजबूत नींव है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय के उच्चीकरण से विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर आगे की पढ़ाई का अवसर मिलेगा और अभिभावकों को भी राहत मिलेगी।
उन्होंने विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक, भवन, फर्नीचर, प्रयोगशाला, पुस्तकालय एवं खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
जुयाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा मजबूत होने से विद्यार्थियों और परिवारों का अनावश्यक पलायन भी कम किया जा सकता है।
उन्होंने विद्यालय के उच्चीकरण के लिए शासन,शिक्षा विभाग व शिक्षा मंत्री और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
समीक्षा उनियाल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
खण्ड शिक्षा अधिकारी समीक्षा उनियाल ने कहा कि विद्यालय का उच्चीकरण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि उच्चीकरण के साथ विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय परिवार को मिलकर प्रयास करना होगा।
अनुप बगियाल ने कहा—प्रवेश प्रक्रिया शीघ्र होगी शुरू।
प्रभारी खण्ड शिक्षा अधिकारी अनुप बगियाल ने कहा कि उच्चीकृत विद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया शासन के निर्देशों के अनुसार शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक सहयोग किया जाएगा।
प्रधानाचार्य विजय मनवाल ने जताया आभार
प्रधानाचार्य विजय मनवाल ने विद्यालय के उच्चीकरण के लिए शासन, शिक्षा विभाग, जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में हाईस्कूल के रूप में शुरू हुआ विद्यालय आज इंटरमीडिएट स्तर तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि यह विद्यालय परिवार और क्षेत्रवासियों के लिए गौरव का क्षण है।
उन्होंने कहा कि अब विद्यालय परिवार की जिम्मेदारी और बढ़ गई है तथा विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और अनुशासित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य किया जाएगा।
जीआईसी मैण्डखाल के प्रधानाचार्य ने दी शुभकामनाएं।
प्रधानाचार्य जीआईसी मैण्डखाल बिजेंद्र सिंह भंडारी ने कौशल विद्यालय के उच्चीकरण पर विद्यालय परिवार एवं क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इंटरमीडिएट विद्यालय की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को काफी लाभ मिलेगा।
उन्होंने शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य जीत सिंह चौहान ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य जीत सिंह चौहान ने कहा कि वर्ष 2010 में हाईस्कूल के रूप में विद्यालय की शुरुआत हुई थी और वर्ष 2026 में इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकरण होना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे क्षेत्रवासियों, जनप्रतिनिधियों,शिक्षकों और अभिभावकों के लंबे समय से किए गए प्रयास महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि अब विद्यालय को आवश्यक संसाधनों से मजबूत करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम का संचालन अध्यापक बलबीर सिंह बुटोला ने किया।
कौशल विद्यालय के इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकरण के बाद क्षेत्रवासियों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं।
अब विद्यालय में पर्याप्त विषयवार शिक्षक, आधुनिक भवन, फर्नीचर, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, पेयजल, शौचालय और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा।
शिक्षा मंत्री द्वारा डीपीआर, शिक्षक एवं फर्नीचर की डिमांड शीघ्र भेजने के निर्देश के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि उच्चीकरण का लाभ विद्यार्थियों को जल्द धरातल पर मिलेगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि रहे मौजूद।
कार्यक्रम में पीटीए अध्यक्ष शेर सिंह भंडारी, एसएमसी अध्यक्ष सत्ये सिंह भंडारी, प्रधान प्रतिनिधि सोबत सिंह भंडारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य रविंद्र भंडारी, बुद्धी सिंह गुसाईं, विनोद सिंह रांगड़, भौ सिंह भंडारी, अरविंद सिंह भंडारी, संध्या बागड़ी, सुनंदा थपलियाल, ममता असवाल, बबीता भंडारी, पूर्व प्रधान गोबिंद सिंह रावत, दिनेश उनियाल, रजत पंवार, विनय कुमार भिलवाल, अध्यापक महिशपाल भंडारी, पूर्व प्रधान दलेव सिंह रावत, जयपाल सिंह भंडारी, सुरेंद्र सिंह भंडारी, हरी सिंह, पुलम सिंह, नत्थे सिंह भंडारी, लखन सिंह भंडारी, जोत सिंह भंडारी, अनवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक, शिक्षक एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रगति मीडिया उत्तराखंड टिहरी गढ़वाल से संपादक की रिपोर्ट।

