उत्तराखंड।।टिहरी झील क्षेत्र को मिलेगा स्मार्ट पर्यटन का नया स्वरूप, ई-बस और स्मार्ट सुविधाओं पर जोर।

पर्यटन रोड, स्मार्ट कैमरे, व्यू प्वाइंट, बस शेल्टर और आईसीसीसी भवन की होगी बेहतर प्लानिंग।

टिहरी गढ़वाल ।।(सू०वि०)टिहरी झील एवं आसपास के क्षेत्रों को आधुनिक और आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। 

मंगलवार को जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित वीसी कक्ष में एडीबी द्वारा सहायतित परियोजना के तहत प्रस्तावित स्मार्ट कंपोनेंट एवं स्मार्ट लूप को लेकर बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पर्यटन रोड, शहर एवं प्रमुख मार्गों पर स्मार्ट सीसीटीवी कैमरे, स्मार्ट पोल, स्मार्ट बस शेल्टर, व्यू प्वाइंट,आईसीसीसी भवन और ई-बस सेवा समेत विभिन्न प्रस्तावित सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रस्ताव के तहत स्मार्ट बस शेल्टर में यात्रियों के बैठने की सुविधा के साथ प्रकाश व्यवस्था,डिजिटल सूचना डिस्प्ले,सीसीटीवी और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। 

वहीं स्मार्ट पोल के माध्यम से प्रकाश व्यवस्था के साथ सुरक्षा एवं सूचना संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। 

टिहरी झील के प्राकृतिक सौंदर्य को पर्यटकों तक बेहतर ढंग से पहुंचाने के लिए व्यू प्वाइंट को आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना भी प्रस्तावित है।

स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए चलेगी ई-बस सेवा।

जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने ई-बस सेवा के रूट निर्धारण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इसका लाभ स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी अधिक से अधिक मिलना चाहिए। 

उन्होंने प्रमुख पर्यटन स्थलों और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ई-बस रूट निर्धारित करने के निर्देश दिए।

बैठक में केंद्रीय विद्यालय मदन नेगी से संबंधित जानकारी लेने के साथ ही मदन नेगी मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए एडीबी द्वारा प्रस्तावित कार्यों की भी जानकारी ली गई।

बस स्टेशन पर यातायात व्यवस्था को लेकर दिए निर्देश।

जिलाधिकारी ने बस स्टेशन क्षेत्र में यातायात व्यवस्था,प्रस्तावित सीसीटीवी कैमरों के स्थान और अन्य पर्यटन सुविधाओं की जानकारी ली। 

उन्होंने कहा कि बस स्टेशन पर बसों एवं अन्य वाहनों की आवाजाही के कारण यातायात बाधित न हो इसके लिए प्रभावी यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की जाए।साथ ही सीसीटीवी कैमरों के स्थान सुरक्षा और यातायात निगरानी की दृष्टि से तय करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने संशोधित डीपीआर तैयार करते समय पर्यटकों की सुविधा,स्थानीय जरूरतों, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य में बढ़ने वाली पर्यटन गतिविधियों को प्राथमिकता देने को कहा। 

उन्होंने सभी प्रस्तावित कार्यों में आपसी समन्वय रखते हुए टिहरी झील क्षेत्र को आधुनिक, सुविधाजनक और आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

प्रगति मीडिया उत्तराखंड से संपादक की रिपोर्ट।

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