देहरादून।।प्रदेश जिला पंचायत सदस्य संगठन उत्तराखंड की प्रदेश स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक रविवार को देहरादून के बनजारावाला स्थित अमोल रेस्टोरेंट में प्रदेश अध्यक्ष भास्कर सम्मल एडवोकेट की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए जिला पंचायत सदस्यों, संगठन के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। बैठक में पंचायतों को अधिक अधिकार संपन्न बनाने, जिला पंचायत सदस्यों के हितों की रक्षा तथा ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
बैठक के दौरान संगठन के विस्तार को गति देते हुए विभिन्न जनपदों के जिलाध्यक्षों एवं प्रदेश पदाधिकारियों की घोषणा की गई।
नए मनोनीत पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया तथा उन्हें संगठन की मजबूती, पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने का दायित्व सौंपा गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि पंचायतों से जुड़े विभिन्न लंबित एवं महत्वपूर्ण विषयों के समाधान के लिए मुख्यमंत्री, पंचायती राज मंत्री तथा विभागीय अधिकारियों के साथ नियमित संवाद स्थापित किया जाएगा।इसके लिए छह सदस्यीय समन्वय समिति का गठन भी किया गया, जो शासन स्तर पर संगठन की मांगों को प्रभावी ढंग से रखेगी।
बैठक में जिला पंचायतों के अधिकारों एवं संसाधनों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए।
इनमें जिला योजना समिति (डीपीसी) का शीघ्र गठन, पंचायत कल्याण कोष की स्थापना, 16वें वित्त आयोग में जिला पंचायतों के बजट में की गई 5 प्रतिशत कटौती को पुनः बहाल करने, कोटेशन कार्यों की सीमा ₹2.50 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने, जिला पंचायत सदस्यों को मानदेय एवं भत्ता प्रदान करने, पंचायतों में आरक्षण चक्रानुक्रम की अवधि 5 वर्ष के स्थान पर 10 वर्ष करने,जिला पंचायत निधि की स्थापना,प्रत्येक जनपद में जिला पंचायत सदस्यों के लिए कार्यालय उपलब्ध कराने तथा सरकारी कार्यक्रमों में जिला पंचायत सदस्यों को उचित सम्मान एवं प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल रहीं।
प्रदेश अध्यक्ष भास्कर सम्मल एडवोकेट ने कहा कि संगठन प्रदेश के सभी जिला पंचायत सदस्यों के अधिकारों, सम्मान और पंचायतों के समग्र विकास के लिए निरंतर संघर्षरत रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार द्वारा संगठन की न्यायोचित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में रहकर व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
बैठक में सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में संगठन को प्रदेश स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने तथा पंचायत हितों की आवाज़ को शासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का संकल्प लिया।
नवमनोनीत पदाधिकारी
जिलाध्यक्ष
बागेश्वर – भास्कर बोरा
पिथौरागढ़ – देवेंद्र चुफाल
चंपावत – कृष्णानंद
अल्मोड़ा – कुंदन सिंह
रुद्रप्रयाग – पवन कुमार
उत्तरकाशी – पवन दास
पौड़ी – श्रीमती पूनम कैंतुरा
ऊधम सिंह नगर – चरणजीत सिंह चन्नी
संरक्षका
श्रीमती देवकी बिष्ट (जिला पंचायत उपाध्यक्ष, नैनीताल)
प्रदेश पदाधिकारी
प्रदेश उपाध्यक्ष – श्रीमती पुष्पा भट्ट (टिहरी)
प्रदेश उपाध्यक्ष – श्रीमती भावना लोहिया (पिथौरागढ़)
प्रदेश सचिव – विजया कोरंगा (बागेश्वर)
प्रदेश सहसंयोजिका – श्रीमती पल्लवी अमोला (टिहरी)
प्रदेश प्रवक्ता – श्रीमती प्रीति पुष्पवाण (रुद्रप्रयाग)
प्रदेश कोषाध्यक्ष – श्रीमती दीपिका ईष्टवाल (पौड़ी)
सह-कोषाध्यक्ष – श्रीमती वंदना रोताड़ (पौड़ी)
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन की विचारधारा के अनुरूप कार्य करते हुए जिला पंचायत सदस्यों की समस्याओं के समाधान, संगठन के विस्तार और पंचायतों को अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के लिए पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
प्रदेश अध्यक्ष भास्कर सम्मल ने सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि संगठन पूरे उत्तराखंड में जिला पंचायत प्रतिनिधियों की आवाज को मजबूती से उठाकर पंचायत राज व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों से काफी जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे
प्रगति मीडिया उत्तराखंड से संपादक की रिपोर्ट।

