349 सदस्यों से 2.21 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली का मामला,अक्टूबर तक भुगतान नहीं करने पर अन्य बकायेदारों पर भी होगी कार्रवाई।
टिहरी गढ़वाल।।(सू०वि०)सहकारी समितियों से जुड़ी लंबे समय से लंबित बकाया धनराशि की वसूली को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है।
सहायक निबंधक सहकारी समितियां पान सिंह राणा के अनुरोध पर अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने जनपद के चार विकासखंडों की 20 सहकारी समितियों के विरुद्ध आरसी जारी कर वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इन 20 समितियों से जुड़े 349 सदस्यों पर कुल 221.26 लाख रुपये यानी करीब 2.21 करोड़ रुपये की बकाया धनराशि है।गौरतलब है कि जनपद टिहरी गढ़वाल में कुल 78 सहकारी समितियां संचालित हैं।
प्रशासन की कार्रवाई के तहत चंबा विकासखंड की 7, जाखणीधार की 2, थौलधार की 1 तथा प्रतापनगर विकासखंड की 10 सहकारी समितियों को शामिल किया गया है।इनमें चंबा, बादशाहीथौल, बगासूधार, साबली, सौड़कुंड, गजा, तुंगोली, सानदणा, बड़कोट, लालूरी, लंबगांव, रौंणदरमोली, कोटालगांव, माजफ, कुड़ियालगांव, ल्वार्ख्या, सिलारी, मोटना, दीनगांव और मुखेम समितियां शामिल हैं।
लंबे समय से लंबित थी वसूली।
बताया गया कि कई वर्षों से सहकारी समितियों से संबंधित बकाया धनराशि की वसूली लंबित चल रही थी और कई प्रकरणों में आरसी जारी नहीं हो पाई थी।
अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लंबित प्रकरणों में आरसी जारी करने के निर्देश दिए,जिसके बाद वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई।
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बकाया धनराशि की वसूली में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।संबंधित बकायेदारों से नियमानुसार धनराशि की वसूली सुनिश्चित की जाएगी।
अक्टूबर तक भुगतान नहीं किया तो जारी होगी आरसी।
आरसी जारी की गई 20 समितियों के अतिरिक्त अन्य सहकारी समितियों के जिन सदस्यों पर भी बकाया राशि है,उन्हें अक्टूबर माह तक बकाया धनराशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्धारित समयसीमा में भुगतान नहीं करने वाले बकायेदारों के खिलाफ भी नियमानुसार आरसी जारी कर वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बकाया वसूली की नियमित समीक्षा करने और कार्रवाई को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान पटल प्रभारी सत्येंद्र सिंह चौहान सहित संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रगति मीडिया उत्तराखंड टिहरी गढ़वाल से संपादक की रिपोर्ट।

